Truth Manthan

Untouchability - A Shocking Incident that Took Place with A 12-Year-Old Boy
Spread the love

Untouchability और Casteism का डंक इतना खतरनाक होता है कि इससे कई जिंदगियां तबाह हो जातीं हैं। यह मुझे इससे पहले नहीं पता था। मेरे साथ जब Untouchability और Casteism में ऐसा व्यवहार किया गया कि मुझे तो इस दुनिया से नफरत सी हो गई। मेरी उम्र सिर्फ 12 साल थी। जात पात और Untouchability जैसे शब्दों को मैं जानता भी नहीं था। मैं तो खुले आसमान के नीचे जीने वाला लड़का था। मुझे नहीं पता था कि Untouchability जैसी Pendimic भी हमारे देश को अंदर ही अंदर खोखला कर रही है।

मेरे गांव से 5 किलोमीटर की दूरी पर मेरे ताऊजी रहते थे। अक्सर जब उनसे मिलना होता था तब हम लोग अकेले या फिर परिवार के किसी सदस्य के साथ साइकिल से या फिर पैदल ही ताऊ जी के घर चले जाते थे। ताऊ जी के यहां से भी जब बड़े भैया आते थे तो वह भी साइकिल से या कभी पैदल ही आ जाते थे। मेरी उम्र ज्यादा नहीं थी। मैं बाहर ज्यादा नहीं निकला था क्योंकि पापा अध्यापक थे। इसलिए ज्यादा समय घर पर ही बीतता था। घर में ही हम भाई लोग टेबल टेनिस, चैस जैसे गेम खेलते थे। और पढ़ाई करते थे। बाहर के लोगों से बहुत कम ही मिलना होता था। इसलिए Untouchability और Casteism जैसी चीजों को मैंने कभी न तो सुना था और ना ही जाना था।
It is easy to find government jobs, jobs across the country in just one click: Sarkari Naukri
Naukri
Sarkari Result

ये भी पढ़ें : 

गुलामी – मूर्खता का फल वर्तमान समय की सच्ची कहानी

जून का महीना था गर्मी बहुत तेज थी। मुझे किसी जरूरी काम से ताऊ जी के घर जाना था। घर में बड़े भैया नहीं थे। इसलिए मुझे अकेले जाना था। बाइक चलानी मुझे तो आती नहीं थी और पापा और भैया चलाने भी नहीं देते थे। इसलिए मैं साइकिल ही चलाता था। उस दिन भी मैं ताऊ जी के यहां साइकिल से ही जा रहा था। ताऊ जी के गांव से लगभग 2 किलोमीटर पहले ही एक गांव पड़ता है सियाल बुजुर्ग। जब भी हम लोग जाते थे तो उस गांव के बीच से ही गुजरना पड़ता था।

Also Visit

Sarkari Naukri
UP Lekhpal
SSC MTS
UPPSC PCS

मैं भी साइकिल से गांव से गुजर रहा था। गांव जब पूरा निकल गया तो गांव के अंत में एक छोटा सा बाग था। गर्मी इतनी ज्यादा थी कि मैं पूरी तरह पसीने से लथपथ था। इसलिए उस बाग में रुक गया। प्यास के मारे गला सुखा जा रहा था। मैंने इधर उधर देखा तो कोई नहीं दिखाई दिया लेकिन प्यास बहुत तेज लगी थी। इसलिए मैं बाग में थोड़ा और अंदर चला गया। बाग के अंदर एक 50 साल का व्यक्ति बैठा था। जिसके कपड़े काफी गंदे से थे। पहले तो उसके गंदे कपड़े देखकर पानी पिलाने को कहने का मन नहीं हुआ किन्तु प्यास बहुत तेज लगी थी। इस लिए मैंने उस आदमी से पानी पीने के लिए हिम्मत जुटा ली।

Untouchability

मैंने उस आदमी से पूछा अंकल जी क्या यहां पीने के लिए पानी मिल जाएगा। उस आदमी ने कहा हां क्यों नहीं। वह सामने कुआं है वहां चलो मैं पानी पिला देता हूं। मैं कुएं के पास गया। वह आदमी भी कुएं के पास बाल्टी और रस्सी लेकर आया। उसने बाल्टी कुएं में डाल दी। कुंआ काफी गहरा था। इसलिए मैं भी उस कुएं में झांककर देखने लगा। मुझे कुएं में झांकते देख कर उस आदमी ने मुझसे कहा बेटा तुम्हारी जाति क्या है। मुझे ज्यादा कुछ पता नहीं था और मैंने सच उसको अपनी जाति बता दी। मेरी जाति का नाम सुनकर ही उसका खून सा खौल उठा।

वह आदमी मुझसे झुंझलाकर बोला कूद जाओ कूद जाओ कुएं में। मैं उसकी बात को नहीं समझ पाया। उसने मुझसे कहा कूंए से दूर हट कर खड़े हो जाओ। मैं ज्यादा समझदार नहीं था। इसलिए कुंए से थोड़ा दूर हटकर खड़ा हो गया। मैं देख रहा था उस आदमी के चेहरे पर अब गुस्से का भाव था। उसने जल्दी-जल्दी बाल्टी को कुंए से बाहर खींचा और एक पुराने टूटे-फूटे लोटे में पानी लेकर आया। लोटा इतना गंदा था कि उसे देखते ही मेरी आधी प्यास गायब हो गई। इससे पहले मैंने कभी भी इतने गंदे बर्तन में पानी नहीं पिया था।

मैंने उस आदमी से कहा लोटा मुझे दे दो मैं पानी खुद पी लूंगा। वह आदमी मुझ पर तेजी से झल्ला उठा। उसने मुझसे कहा नीची जात के होते हुए भी तुमको बिल्कुल अक्ल नहीं है। मैं उस आदमी की बातों को बिल्कुल समझ नहीं पा रहा था कि नीची जाति क्या होती हैं। मैं थोड़ा डर भी गया था। इसलिए मैंने उससे कहा ठीक है। आप मुझे पानी पिला दीजिए। उस आदमी ने मुझसे कहां ठीक है अपने हाथों से अजली बना लो। मैंने अपने हाथों को जोड़कर मुंह के पास लगाया तो उस आदमी ने लगभग 1 मीटर ऊपर से मेरे हाथों में पानी डालना शुरू किया। मैं जितना पानी पी नहीं पा रहा था उससे कहीं ज्यादा पानी मेरे कपड़ों को खराब कर रहा था। हालांकि में पानी पूरी तरह से पी भी नहीं पाया था और मैंने हां में गर्दन हिला दी।

ये भी पढ़ें :

Anger Management : Top 14 Hindi Suvichar

उस आदमी ने पानी डालना बंद कर दिया। मेरे कपड़े भीग गए थे और जो ऊपर से पानी नीचे गिर रहा था उससे काफी मिट्टी उठकर मेरे कपड़ों में लग गई थी। मैं बहुत दुखी था। मैं अपने ताऊ के यहां चला गया। रास्ते भर में Untouchability और Casteism के बारे में सोचता रहा है कि आखिर मैं तो उससे अच्छे कपड़े पहने हुए था। इसके बावजूद उसने मेरे साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया ? वह आदमी जो देखने से ऐसा लग रहा था कि उसने महीनों से नहाया नहीं है। गंदा शरीर और पूरी तरह से मैले कुचैले कपड़े पहने इंसान बड़ी जात का कैसे हो सकता है।

उसके पास बैठने से भी बदबू आ रही थी। इस तरह के लोग भी अपने को ऊंची जात के बताते हैं। मैं दिन में दो बार नहाने वाला और अच्छा साबुन और शैंपू लगाने वाला लड़का आखिर नीची जाति का कैसे हो गया। उस दिन मेरे दिमाग में इसी तरह के हजारों प्रश्न गूंजते रहे लेकिन मुझे उनका कोई जवाब नहीं मिला। उस घटना को हुए कोई ज्यादा दिन नहीं हुए हैं। सिर्फ यह घटना 2 साल पहले की है।

आज मैं Untouchability और Casteism के बारे में जानता हूं। उसने मुझसे Untouchability का व्यवहार किया। जबकि मुझे उसके साथ ऐसा व्यवहार करना चाहिए था। उसके हाथ का मुझे पानी नहीं पीना चाहिए था क्योंकि वह मुझसे साफ नहीं था। वह बहुत ही गंदा था। उसके कपड़े बहुत ही गंदे थे। उसके हाथ मैले कुचैले थे लेकिन इसके बावजूद भी अपने को ऊंची जाति का समझ रहा था। ऐसे लोगों की मानसिकता को क्या कहा जाए।

उस घटना को मैं आज भी नहीं भूल पा रहा हूं। उस दिन के बाद मैं जहां भी जाता हूं अपनी बोतल में खुद का पानी लेकर जाता हूं क्योंकि मैं सोचता हूं मुझे ऐसे गंदे लोगों के हाथ का पानी दोबारा न पीना पड़े। नीच और गंदे होने के बावजूद अपने को ऊंची जाति का बताने वाले ऐसे लोगों से मुझे नफ़रत हो गई है। कोई ऊंची जाति का नहीं होता ऊंचा बनने के लिए जिंदगी में कुछ ऊंचा करना पड़ता है। यह मैंने Dr. Abdul Kalam and Dr. Bhimrao Ambedkar जैसे महान पुरुषों से सीखा है। ऐसे लोग मानसिक रूप से विक्षिप्त होते हैं जो खुद समाज के सबसे नीचे होते हुए भी खुद को ऊंची जाति का बताते हैं। ऐसे लोगों से मैं ही नहीं शायद पूरी दुनिया घृणा करेगी। इस लेख में मैं अपनी तस्वीर भेज रहा हूं लेकिन सर मेरी तस्वीर को पब्लिश ना करें सिर्फ मेरा नाम और पता पब्लिक करें।
धन्यवाद।

अवनीश कुमार 

बदोसराय, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश

यदि आपके पास हिंदी में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी ईमेल आई डी है: [email protected]. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ प्रकाशित करेंगे. धन्यवाद!


Spread the love

27 thoughts on “Untouchability – A Shocking Incident that Took Place with A 12-Year-Old Boy”

  1. Pingback: generic tadalafil cvs

  2. Pingback: cialis canada pharmacy

  3. Pingback: sophia viagra

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top