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Sad Shayari Hindi प्यार में धोखा खाए लोगों के लिए

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इश्क के दौर में हम रोते रहे सदियों, प्यार के नाम पर गम को ढोते रहे सदियों
वो मिलकर भी मुझसे ना मिल सके,
उनकी याद में मैं अपने जर्रे जर्रे को खोता रहा सदियों।

कभी मेरे लिए दिन रात राहों को ताकती रहती थी वो
मुझे पाने के लिए हर दांव लगाती रहती थी वो
लेकिन कुछ दिन से जाने क्या हो गया उसे
भूलने के लिए मुझे अब कसमें खाती रहती है वो

यह सन्नाटा मुझे बिल्कुल पसंद नहीं था
उनके बिना जीना बिल्कुल पसंद न था
जिन्हें शराब की एक बूंद तक पसंद नहीं थी
बिना शराब के अब एक पल भी काटना मुश्किल हो गया है

दिल में किसी के अरमानों को समेटे रहा हूं मैं
तकिए से मुंह छुपा कर रोता रहा हूं मैं
अब जाकर हुआ है मेरे ना रहने का एहसास
हर रोज कब्र पर आकर फूल चढ़ा जाता है वो

इश्क किया था उसका शिला भी मैंने पाया है
आंखों के आंसुओं को खोकर उसकी परछाई को पाया है
वो तो नहीं रहे इस दुनिया में लेकिन
आज दिल में हरदम उसकी एहसासों का साया है

ऐ काश मेरे इश्क में इतना दर्द ना होता
वो मुझे छोड़ जाती लेकिन मैं कभी ना रोता

मैंने भी सोचा था उसके लिए ताज महल बनवाऊंगा
किस्मत तो देखो ना वो नूरजहां बन सकी और ना मैं शाहजहां

उसकी आंखों में समंदर नजर आता था
उसकी जुल्फों में बादल नजर आता था
जब से चली गई वह तब से सपनों में बवंडर नजर आता है

उसकी जुल्फों का वो नजारा याद आ गया
उसके चलने का शरारा याद आ गया
मगर किस्मत ने दे दिया धोखा
इसलिए खुद को दिन में चांद नजर आ गया

उसको पाने के लिए सब कुछ जुदा कर बैठा
वह मेरे लिए बनकर के खुदा बन बैठा
मुझे ना मालूम था मेरी जफाओं का सिला
वो मेरी जफाओं के बदले बेवफाई कर बैठा

उसको पाने के लिए दिन रात जागता रहा मैं
उसकी यादों में हर पल होता रहा मैं
मगर मुझे क्या पता था उस बेवफा के बारे में
प्यार के बदले आंसुओं को पीता रहा मैं

आर. के. गौतम, उत्तर प्रदेश 

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