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खंजर – एक बेहद खतरनाक प्रेम कहानी (Daggers – A Very Dangerous Love Story)

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Many loving couples are successful in love and many also have to lose their lives. It has not happened since centuries, often lovers are killed or they themselves commit suicide by disturbing the society but today I have brought you a love story that you might not believe after reading this story is inspired by a true incident but in this love story the names of the characters have been changed to the scene. All the rest of the story is completely The truth is based on the incident. I hope you will read this story and enjoy it. This story is a different love story in which Villan is there but there is something with him that you will probably read for the first time.

मंगलवार का दिन था। सुबह का लगभग 6 बज रहा था। रोड पर धीरे-धीरे लोगों की चहल-पहल बढ़ती जा रही है। तभी एक महिला ने झाड़ियों के पास पड़ी हुई एक लाश को देखा। महिला लाश को देखते ही तेजी से चीख पड़ी। उसके चीखते ही वहां पर कई लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने जब पास जाकर देखा तो सबके होश उड़ चुके थे। झाड़ियों में लगभग 25 साल का एक युवक पढ़ा हुआ था। जो खून से पूरी तरह लथपथ था। जमीन में पड़ा उसका खून सूख चुका था।

उसके ऊपर बरसाए गए खंजरों के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। लोगों ने पुलिस को तत्काल फोन कर दिया। मर्डर का मामला सुनते हैं पुलिस के हाथ पांव फूल गए। 3 कारों में लगभग 15 पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। पुलिस वालों ने लाश को अच्छी तरह से देखा कुछ तस्वीरें खींची और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उस पर किए गए खंजरों के वार से पुलिस भी काफी परेशान थी। उस व्यक्ति को लगभग 10 बार खंजर से वार किया गया था।

आखिर 25 साल के उस लड़के के साथ ऐसा क्या हुआ था। जिसके चलते उसकी ये हालात की गई। पुलिस मामले की खोज में जुट गई और जो सच सामने आया वह काफी ही दिल को दहला देने वाला था। आइए जानते हैं पूरी घटना के बारे में-

केशव नगर का रहने वाला अशोक अपने यहां से 65 किलोमीटर दूर शाहपुर में एक प्राइवेट बैंक में अधिकारी था। वह अपने अच्छे कामों के लिए अपनी बैंक में अक्सर चर्चा का विषय बना रहता था। उसे किसी भी तरह की भी काम में ढील पसंद नहीं थी। अशोक अक्सर बैंक से बस स्टैंड तक पैदल आता और इसके बाद बस के द्वारा या कभी-कभी ट्रेन से भी अपने घर लौटता था।

एक दिन अशोक अपने घर से सुबह-सुबह बैंक जा रहा था। रास्ते में उसकी मुलाकात हिना नाम की एक लड़की से हो गई। हिना भी शाहपुर की ही रहने वाली थी और उस समय फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही थी। अशोक और हिना रास्ते भर बातें करते रहे। अशोक काफी स्मार्ट लड़का था तो हिना भी खूबसूरती में परियों सी दिखती थी। उस दिन दोनों बातें करते हुए शाहपुर पहुंचे और एक दूसरे का फोन नंबर भी ले लिया।

उस दिन के बाद अब जब भी हिना और अशोक को एक दूसरे से मिलना होता तो वह फोन कर लेते और वहीं पार्क में बैठकर घंटों बातें करते रहते। उनकी यह मुलाकात कब प्यार में बदल गई। इस बात का उन दोनों को भी पता नहीं चला। धीरे-धीरे उन दोनों की हालत बिन जल मछली की तरह हो गई। अब वह जिस दिन एक दूसरे से मिल न लेते उनको चैन नहीं पड़ता।

धीरे धीरे उनके प्यार में इतनी नजदीकी आ गई कि उन दोनों ने आपस में फिजिकल रिलेशन भी बन गए। इसके बाद उन दोनों ने पूरा इरादा कर लिया की अब हम दोनों एक दूसरे के होकर रहेंगे। अशोक और हिना शादी की बातें ही कर रहे थे। तभी उनकी प्रेम कहानी में एक विलन ने प्रवेश कर लिया। वह विलन हिना का पूर्व प्रेमी अख्तर खान था। एक दिन हिना और अशोक पार्क में बैठे बातें कर रहे थे तभी अख्तर खान की नजर हिना पर पड़ गई।

अफसर खान ने हिना के घर जाकर उसके पिता को सारी बात बता दी। पहले तो उसके पिता ने विश्वास नहीं किया किंतु जब उसने हिना से पूछा तो हिना ने साफ-साफ बता दिया कि मैं अशोक से प्यार करती हूं और जल्दी शादी करने वाली हूँ। इतना सुनते ही हिना का पिता आग बबूला हो गया। उसने हिना को बहुत बुरी तरह से पीटा।

हिना कुछ दिन तक अशोक से नहीं मिली लेकिन खुद को रोक भी नहीं पा रही थी। इसलिए मौका पाते ही उसने अशोक को फोन किया और दोनों पार्क में पहुंच गए। हिना ने अपनी पूरी कहानी अशोक को बतायी। अशोक ने कहा कि मैं चलकर तुम्हारे पिता से बात कर लूंगा, लेकिन हिना ने मना कर दिया। हिना ने कहा अशोक तुम हिंदू हो और मैं मुस्लिम हूं। इसलिए मेरे वालिद कभी भी इस रिश्ते को मंजूर नहीं करेंगे।

उस दिन भी इन दोनों प्रेमियों की शायद किस्मत खराब थी। इसलिए उस दिन भी अख्तर खान ने उन्हें पार्क में देख लिया और हिना के पिता को भी बुला लिया। हिना के पिता ने जब दोनों को एक साथ देखा तो उसकी खोपड़ी घूम गई। वह सोच नहीं पा रहा था कि क्या करना है। फिलहाल वह वहां से घर चला गया और हिना का इंतजार करने लगा। हिना जैसे ही घर पहुंची तो उसके पिता ने उसकी फिर बुरी तरह से पिटाई कर दी। इस बार हिना के पिता ने बहुत ही खतरनाक गेम खेलने का प्लान बना दिया था। जो काफी लोगों की जिंदगियों को तबाह करने वाला था।

हिना 5 दिन तक अशोक से नहीं मिल पायी। अशोक हिना के बिना नहीं रह सकता था, इसलिए वह काफी परेशान होने लगा। कुछ दिन बाद अशोक के पास उसके घर से लगभग 150 किलोमीटर दूर आलमनगर से एक लड़की का फोन आया। वह वह लड़की अशोक को बुला रही थी। उसने कहा अशोक तुम आलमनगर आ जाओ। मुझे तुमसे कुछ जरूरी बातें करनी है। अशोक उस समय बैंक में ही था। इसलिए उसने उसी समय बैंक से छुट्टी ली और ट्रेन पकड़ कर सीधे आलमनगर पहुंच गया।

आलमनगर में उस लड़की ने अशोक को चाय पिलाई। उस लड़की के साथ एक व्यक्ति और भी था। जिसे उस लड़की ने अपना भाई बताया था। इतना करने के बाद वह तीनों लोग एक गाड़ी में बैठ कर आलमनगर से लगभग 50 किलोमीटर दूर पहुंच गए। रात का समय था। सन्नाटा भी चारों तरफ छाया हुआ था। वह लड़की और अशोक बीच में बैठे हुए थे और किनारे वह व्यक्ति बैठा हुआ था।

अचानक रात के सन्नाटे में ड्सराइवर ने गाड़ी रोक दी। इसके बाद सभी लोग गाड़ी से नीचे उतर गए। शायद वह सभी लोग पेशाब इत्यादि करने के लिए उतरे थे। अशोक भी गाड़ी के नीचे उतर आया। वह लड़की अशोक के पास ही खड़ी थी। लड़की ने बुर्का पहना हुआ था। अशोक उस लड़की से बात कर रहा था। ड्राइवर और उसका भाई दोनों कुछ कदम की दूरी पर झाड़ियों में चले गए। जिसमें से एक ड्राइवर और दूसरा वह व्यक्ति जिसे उस लड़की ने अपना भाई बताया था।

अशोक कुछ देर ही बात कर पाया था कि अचानक उस लड़की ने अपने बुर्के के अंदर से एक खंजर निकाला और अशोक के पेट में मार दिया। खंजर लगते ही अशोक जमीन पर गिर गया। इसके बाद उस लड़की ने खंजर के कई वार अशोक पर किए। वह उसे तब तक उस खंजर से मारती रही जब तक अशोक के प्राण नहीं निकल गए।

पुलिस ने इस मामले की 8 दिन तक गंभीरता से जांच और पड़ताल की। नौवें दिन पुलिस ने अपराधियों को पकड़ लिया। अपराधियों का जब नकाब हटा तो सबके लोगों के मुंह से चीखें निकल गई। अशोक को मारने वाली वह लड़की कोई और नहीं हिना थी और उसके साथ उसका भाई बनकर आया वह व्यक्ति अख्तर खान था। जो उसका पूर्व प्रेमी था।

हिना से जब पूछा गया तो हिना ने बताया की दूसरी बार पकड़े जाने पर मेरे अब्बू ने मुझे बहुत मारा और मुझे तब तक कमरे में बंद रखा जब तक मैं अशोक को खत्म करने के लिए तैयार नहीं हो गईं। इसलिए मुझे अख्तर खान के साथ मिलकर अशोक को मारना पड़ा। इस कहानी को जिसने भी पढ़ा लोगों का प्यार से विश्वास ही उठ गया। प्यार में लोग खुद अपनी जान देते हैं लेकिन कभी किसी की जान लेते हुए नहीं सुना था। हिना ने अपने पिता के दबाव में उस व्यक्ति को मार दिया जिसे वह अपनी जान से ज्यादा प्यार करती थी।

 

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1,073 thoughts on “खंजर – एक बेहद खतरनाक प्रेम कहानी (Daggers – A Very Dangerous Love Story)”

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