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COVID-19 ने इन विभिन्न क्षेत्रों में मचाई तबाई, जाने विस्तृत जानकारी

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The corona virus originated from the city of Wuhan in China and then put the entire world, including Italy, America, on the verge of destruction. In India, Corona caused havoc in such a way that hundreds of people lost their lives while migrating from one state to another on the streets. Many accidents killed many innocent people. Not only this, in a very area like education, students had to sit at home and people came to the brink of starvation. Let us know which areas Corona destroyed the most.

एक ऐसा वायरस जिसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था कि यह पूरे विश्व के परिदृश्य को ही बदल कर रख देगा। हममें से बहुत से लोगों ने कई सारी फिल्में देखी होंगी जोकि वायरस पर आधारित होती है। लेकिन कभी भी यह नहीं सोचा कि होगा कि हमारे वास्तविक जीवन में भी ऐसी घटना घटित हो सकती है। इसने लोगों के रहन-सहन, खान-पान यहां तक कि कोविड -19 ने लोगों की लाइफ स्टाइल को ही बदल कर रख दिया है। कोविड-19 के कारण लोगों पर सामाजिक आर्थिक प्रभाव पड़े हैं।

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ corona virus कुछ ही महीनों में विश्व के लगभग सभी देशों में फैल चुका है। covid 19 की उत्पत्ति चमगादड़ओं से मानी जाती है। हालांकि अमेरिका जैसे देश चीन के वुहान प्रयोगशाला में बनाए जाने की बात कह रहे हैं। शुरुआती दौर में यह चीन में सबसे तेजी से फैला लेकिन अब पूरे विश्व में इसका प्रभाव देखा जा सकता है। अमेरिका इटली जैसे देश जिनकी स्वास्थ्य सुविधाएं सबसे अच्छी होने के बावजूद भी इन देशों ने corona virus के सामने घुटने टेक दिए।

कोविड-19 के कारण लोगों का विस्थापन शहरों से गांव की तरफ हुआ है। covid-19 के दौरान परिवहन सुविधा उपलब्ध ना हो पाने के कारण लोग हजारों किलोमीटर तक पैदल चले हैं। जो गरीब थे वो और भी गरीबी में फंसते चले गए। हालांकि सरकार द्वारा गरीबों और वंचितों के लिए कोविड-19 के दौरान कई सारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन फिर भी उन योजनाओं की पहुंच लोगों तक नहीं हो पा रही है। सरकार द्वारा जो भी योजनाएं चलाई जा रही हैं उसकी पहुंच को लोगों तक सुनिश्चित किया जा सकता है, मीडिया के माध्यम से, क्योंकि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है लेकिन भारतीय मीडिया तो कुछ और ही कर रही है।

कोविड-19 के कारण विश्व की अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है। लॉक डाउन की वजह से विश्व की अर्थव्यवस्था मानो थम सी गई हो। इस तथ्य को हम नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं कि चीन और दुनिया के अन्य देशों में कोविड-19 के प्रकोप से विश्व के स्तर पर आर्थिक मंदी, व्यापार सप्लाई चैन, वस्तु और लॉजिस्टिक्स सहित अर्थव्यवस्था पर काफी बुरे प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। भारत की चीन पर निर्भरता बहुत अधिक है। शीर्ष 20 उत्पादों में से जो भारत दुनिया से आयात करता है। चीन उनमें से अधिकांश में से महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है। इसलिए हम कह सकते हैं कि चीन में कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण चीन पर आयात निर्भरता का भारतीय उद्योग पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

अन्य क्षेत्रों में प्रभाव के साथ-साथ शिक्षा पर भी कोविड-19 का बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शिक्षा प्रणाली पर कोविड-19 के प्रभाव के कारण शैक्षिक वित्तपोषण का अंतर एक तिहाई तक बढ़ सकता है। स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के बंद होने से विश्व की तकरीबन 94% छात्र आबादी प्रभावित हुई है और निम्न तथा निम्न मध्यम वाले देशों में यह संख्या 99% है। इसके अलावा कोविड-19 महामारी ने शिक्षा प्रणाली में मौजूदा असमानता को और अधिक बढ़ा दिया है।

इस महामारी के कारण निम्न आय वाले देशों की कमजोर एवं संवेदनशील आबादी इस वायरस से सबसे अधिक प्रभावित हुई है। वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही के दौरान निम्न आय वाले देशों में प्राथमिक स्तर पर तकरीबन 86% बच्चे स्कूल से बाहर हो गए हैं। जबकि उच्च आय वाले देशों में यह आंकड़ा केवल 20% है। कोविड-19 से शहरी एवं ग्रामीण बच्चों की सबसे अधिक शिक्षा प्रभावित होगी। जिनके पास एंड्रॉयड मोबाइल लैपटॉप पर इंटरनेट की सुविधा नहीं है जिसके कारण वे भी पढ़ नहीं पा रहे हैं।

कोरोनावायरस ने घरेलू हिंसा एवं सामाजिक दोनों को जन्म दिया है। इस महामारी के प्रकोप के कारण सभी को अपने घरों में रहने की हिदायत दी गई यानी लॉक डाउन की स्थिति उत्पन्न हो गई। एक खबर के मुताबिक लॉक डाउन के चलते चीन के सिचुआन प्रांत में पति-पत्नी के बीच विवाद इतने बढ़ गए कि 1 माह में 300 तलाक की अर्जी अदालत में दाखिल हुईं।

कोविड-19 के कारण शुरुआती दौर में लॉकडाउन की वज़ह से देशभर में अपराध के आंकड़ों में आश्चर्यजनक रूप से गिरावट है लेकिन घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी हुई। लेकिन जैसे ही लॉकडाउन खुला अब चोरी डकैती जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। साइबर अपराधों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सोशल मीडिया में नौकरी देने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने के कई मामले सामने आए हैं। साइबर अपराध विशेषज्ञ वी.के. मंडल का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान साइबर अपराध के मामलों में 220 फीसद वृद्धि हुई है।

अंजुल भारती, कानपुर, उत्तर प्रदेश 

लेखक और ताजा समस्यायों पर चिन्तक 

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