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SC/ST Act के दुरुपयोग का गलत भ्रम फैलाते समाज के कुछ अनपढ़ ठेकेदार

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 को 11 सितम्बर 1989 में भारतीय संसद द्वारा पारित किया था, जिसे 30 जनवरी 1990 से सारे भारत में लागू किया गया। यह अधिनियम उस प्रत्येक व्यक्ति पर लागू होता हैं जो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का सदस्य नही हैं तथा वह व्यक्ति इस वर्ग …

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हाथरस गैंगरेप और हत्या पर उठते सवालों के घेरे में शासन और प्रशासन

आज हमारे देश में हत्या, रेप, गैंगरेप और क्राइम ने सभी विकास की जगह अपना स्थान ले लिया है। हाथरस में हुए गैंगरेप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। नौकरशाह सबूतों को जुटाने की वजाह मिटाने में लगे हुए है। क्या यह वही भारत है जहाँ कहा जाता था हन्दू , मुस्लिम, सिक्ख …

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Slavery : BJP’s Ram Rajya Conspiracy to Snatch Away the Rights of Shudras and Women (गुलामी : शूद्रों और महिलाओं के अधिकारों को छीनने का षडयंत्र है भाजपा का राम राज्य )

हमारे देश में जब से भाजपा की सरकार बनी है। तब से राम राज्य लाने की बात की जा रही है। राम राज्य के चक्कर में देश के ऐसे हालात हो गए हैं कि पढ़े लिखे लोग भी फुटपाथ पर भीख मांगते दिखाई दे रहे हैं। हमारे सरकारी संस्थाएं प्राइवेट कर दी गई हैं। 2 …

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भाजपा सरकार में चरम पर पहुंची जाति पांति और छुआछूत की महामारी

भाजपा सरकार में चरम पर पहुंची जाति पांति और छुआछूत की महामारी

हमारे देश भारत में कई महामारियां आई और चली गई। इस समय कोरोनावायरस जैसी महामारी ने हमारे देश क्या पूरी दुनिया को तबाह करके रख दिया लेकिन कोरोनावायरस का भी हल निकलेगा और इसे भी जाना पड़ेगा। हमारे देश भारत में एक ऐसी महामारी जो हजारों सालों से चली आ रही है। उसे न तो …

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भारत की आजादी के 73 साल बाद भी अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछडा वर्ग के लोग अपने अधिकारों से बंचित क्यों ?

भारत की आजादी के 73 साल बाद भी अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछडा वर्ग के लोग अपने अधिकारों से वंचित क्यों ?

हमारे देश को आजाद हुए 73 साल हो गए हैं। 1950 में हमारा भारत देश पूरी तरह से आजाद हो गया था किन्तु आज भी संविधान में दिए गए अधिकारों का अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछडा वर्ग के लोग उपयोग नहीं कर पाते हैं। आखिर पढ़े लिखे होने के बाद भी अनुसूचित जाति, जनजाति …

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अगर अभी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियां गुलाम बनकर जियेंगी

अगर अभी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियां गुलाम बनकर जियेंगी

ऐसे तो आप बहुत सारा चीज पढ़ते हैं परन्तु अपना सच्चा इतिहास नहीं जानते क्योंकि 1947 के बाद से पठ्य पुस्तक में जो इतिहास शामिल किया गया है वह सम्पूर्ण सच्चा इतिहास नहीं है। इसमें ब्राह्मण इतिहासकारों ने असलियत को छिपाया और बहुतों को लिखा ही नहीं। जबतक हमारे मूलनिवासी समाज अपना इतिहास को पढेगा …

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सरकारी संस्थानों का निजीकरण कितना गलत और कितना सही

सरकारी संस्थानों का निजीकरण कितना गलत और कितना सही

हर साल मेरे खेत में चूहे आ जाते थे, फसल बर्बाद कर रहे थे ! मैंने खेत ही बेच दिया, अब भूखे मरेंगे सारे.. मात्र 70 साल में ही बाजी पलट गई। जहाँ से चले थे उसी जगह पहुंच रहे हैं हम। फर्क सिर्फ इतना कि दूसरा रास्ता चुना गया है और इसके परिणाम भी …

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